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गजब : पहले बेच दी गाड़ी फिर पहाड़ में शराब तस्करी करने के लिए खुद ही चुरा ली


गजब : पहले बेच दी गाड़ी फिर पहाड़ में शराब तस्करी करने के लिए खुद ही चुरा ली 
हरिद्वार. पुराना वाहन खरीद कर अक्सर लोग ओनरशिप ट्रांसफर कराने में लापरवाही बरतते हैं जो नुकसानदायक साबित हो सकता है. हरिद्वार में एक व्यक्ति को पुरानी कार खरीद कर आरसी अपने नाम न कराना काफी भारी पड़ा. दरअसल, उसने जिस व्यक्ति से गाड़ी खरीदी थी मौका पाकर उसी ने गाड़ी को चुरा ली.

मामला कनखल थाना क्षेत्र का है जहां जगजीतपुर में रहने वाले मोहित भट्ट ने अपने घर के बाहर से गाड़ी चोरी होने की सूचना पुलिस को दी. इसके बाद मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने जांच शुरू की. मामले में जांच पड़ताल करने और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस भी हैरत में पड़ गई.

दरअसल, रुद्रप्रयाग जिले के रहने वाले संदिग्ध से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि साल 2018 में उसने अपनी कार वादी के पिता को बेची थी. लेकिन, उन्होंने अभी तक गाड़ी के कागजात अपने नाम नहीं कराए. इसलिए उसमें अपने क्षेत्र में शराब तस्करी करने के लिए गाड़ी को चुरा लिया.

पुलिस ने आरोपी सुभाष बिष्ट को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है. एसपी क्राइम रेखा यादव ने कनखल थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले का खुलासा किया. रेखा यादव ने बताया कि आरोपी ही कार का मालिक था. कार के सेकंड ऑनर ने ओनरशिप ट्रांसफर नहीं कराई जिसका फायदा उठाने के लिए आरोपी सुभाष बिष्ट ने कार चोरी करने की योजना बनाई.


ओनरशिप ट्रांसफर कराना जरूरी
हरिद्वार के एआरटीओ रत्नाकर सिंह ने बताया कि कई बार लोग वाहन खरीदने के बाद ओनरशिप ट्रांसफर नहीं कराते हैं. जिसके बाद दोनों पार्टियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में लोगों को जागरूकता बरतते हुए सेलर से फॉर्म 29, 30 पर हस्ताक्षर करवा कर वाहन खरीदना चाहिए और जल्द से जल्द एआरटीओ ऑफिस पहुंचकर गाड़ी का पंजीकरण अपने नाम करवा लेना चाहिए.


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