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हरिद्वार: ज्वैलर्स शोरूम से दो करोड़ की डकैती का मास्टरमाइंड बुलंदशहर से गिरफ्तार,

 
हरिद्वार: ज्वैलर्स शोरूम से दो करोड़ की डकैती का मास्टरमाइंड बुलंदशहर से गिरफ्तार,
 हरिद्वार :हरिद्वार में गुरुवार को ज्वैलर्स शोरूम से दिनदहाड़े हुई दो करोड़ की डकैती के मास्टरमाइंड सतीश चौधरी को पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बाकी फरार दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों के पास से लूट का माल भी बरामद कर लिया गया है। 
पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी सतीश चौधरी ने पूरे हरिद्वार में लूट का प्लान बनाया था। आरोपी पर पहले भी अलग-अलग राज्यों में कई मुकदमे दर्ज हैं। 

ये हुए गिरफ्तार 
पुलिस ने सचिन चौधरी पुत्र महेंद्र सिंह निवासी गांव सदरपुर थाना सलेमपुर जिला बुलंदशहर, अमित उर्फ फौजी पुत्र किरण पाल निवासी रायपुर थाना भवन जिला शामली उत्तर प्रदेश, संजय उर्फ राजू पुत्र तेजवीर सिंह निवासी ग्राम बसुति थाना शिकारपुर जिला बुलंदशहर, नितिन मलिक पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी ग्राम कोलायत थाना शामली उत्तर प्रदेश और सत्येंद्र पाल सिंह पुत्र शेर पाल सिंह निवासी ग्राम चांदपुर थाना कोतवाली बुलंदशहर को गिरफ्तार किया है। 


खूंखार ताऊ गैंग का सक्रिय सदस्य है सतीश चौधरी
पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर आईजी अमित सिन्हा, डीआईजी गढ़वाल रेंज नीरू गर्ग और डीआईजी नीलेश आनंद भरने ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सतीश चौधरी उत्तर भारत के सबसे खूंखार ताऊ गैंग का सक्रिय सदस्य है। वह अक्सर शहर के मुख्य व्यस्त इलाकों में बड़ी-बड़ी लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देता है।  

ताऊ गैंग का लीडर इंद्रपाल चौधरी काफी समय से जेल में है। इंद्रपाल चौधरी के जेल जाने के बाद ताऊ गैंग की कमान सचिन चौधरी ने संभाली। गैंग में शामिल सतीश चौधरी बड़े-बड़े शोरूम की रेकी कर घटना का प्लान तैयार करता है और फिर घटना को अंजाम देने के लिए अपने गैंग में नए लोगों को शामिल करता है। 

ऐसे बनाई भागने की प्लानिंग
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सतीश चौधरी ने बताया की बदमाश अलग-अलग रास्तों से आए और जिला पंचायत गेस्ट हाउस रुड़की में ही पूरी रणनीति बनाई। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश अलग-अलग रास्तों से निकलते हुए दोबारा जिला पंचायत गेस्ट हाउस पहुंचे। वहीं, उन्होंने पूरी रात बिताई और अगले दिन एंबुलेंस का सहारा लेकर पुलिस की नाकेबंदी को चकमा देते हुए वह फरार हो गए।

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