UK बोले तो Uttrakhand

अभी नही तो कभी नही

ऊधमसिंह नगर जिले में बर्ड प्लू का पोल्ट्री फार्म कारोबार पर 40 फीसद असर, बाजार में गिरे दाम



ऊधमसिंह नगर जिले में बर्ड प्लू का पोल्ट्री फार्म कारोबार पर 40 फीसद असर, बाजार में गिरे दाम
 रुद्रपुर: राज्य में अभी तक एक भी बर्ड फ्लू का मामला नहीं पाया गया है। इसके बावजूद अंडे व चिकन कारोबार पर करीब 40 फीसद असर पड़ा है। खपत कम होने से चिकन के रेट भी कम हो गए। इसकी वजह लोग खाना कम कर दिए हैं। जबकि जाड़े में अंडे व चिकन की खपत बढ़ जाती है। इधर, पशुपालन विभाग की पोल्ट्री फार्मों पर नजर है। अभी तक 35 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। जिले में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के मुताबिक करीब 15 पोल्ट्री फार्म पंजीकृत हैं। इनमें एक पशु विभाग का रुद्रपर में पोल्ट्री फार्म है। जबकि इससे अधिक करीब पांच सौ फार्म है। रोजाना 4.30 करोड़ अंडे का उत्पादन होता है। गोविद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के शैक्षिक पोल्ट्री फार्म से अंडे राज्य में आपूर्ति की जाती है। चूजे भी बेचे जाते हैं। कुछ राज्यों में प्रवासी पक्षियों व मुर्गियों की बर्ड फ्लू से मौत की आंशका से उत्तराखंड में अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्थानीय चिकन विक्रेताओं के अनुसार पहले दो सौ रुपये किलो चिकन था, जब से समाचार पत्रों व न्यूज चैनलों में बर्ड फ्लू की खबर आने लगी तो चिकन की खपत हो गई। ऐसे में 20 रुपये प्रति किलो रेट कम कर बेचना पड़ रहा है।जबकि पोल्ट्री फार्म मालिक बताते हैं कि बर्ड फ्लू की वजह से करीब 40 फीसद कारोबार पर असर पड़ा है। पशु जनस्वास्थ्य विभाग, पंत विवि के अध्यक्ष डा. अजय उपाध्याय ने बताया कि राज्य में बर्ड फ्लू का एक भी मामला नहीं है। हालांकि इस बीमारी से बचाने के लिए सावधानी बरतनी होगी। बीमार पक्षियों का इलाज करने वाले लोगों को पोल्ट्री फार्म में प्रवेश नहीं करना चाहिए। चिकन ले जाते समय हाथ को मुंह से टच नहीं करना चाहिए। हाथ को साबून से धो लेना चाहिए। कुछ लोग चिकन ले जाते हैं तो रास्ते में या घर पर चिकन रखकर मूंगफली या अन्य चीजें खाने लगते हैं। इससे श्वास के जरिये वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। भारतीय पद्धति से यदि कुकर में चिकन पकाते हैं तो वायरस नष्ट हो जाता है। पोल्ट्री फार्म में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि फार्म में कुत्ते, बिल्ली व चूहे व अन्य पक्षी प्रवेश न कर सकें।

Post a Comment

0 Comments