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अंकिता मर्डर केस: दोस्त ने इंटरनेट पर विज्ञापन देख लगवाई थी नौकरी, पहले दिन से असहज थी अंकिता

अंकिता मर्डर केस: दोस्त ने इंटरनेट पर विज्ञापन देख लगवाई थी नौकरी, पहले दिन से असहज थी अंकिता
ज्ञात हो कि अंकिता मर्डर केस के मुख्य कर्णधार उसके मित्र पुष्पदीप का, बयान पुलिस ने दर्ज कर लिया है जिसमें कई खुलासे हुए हैं साथ ही उन घटिया सोच वाले  संघ के नेता विपिन कर्णवाल जैसे लोगों के सवालों के जवाब भी सामने आ गए हैं कि घटिया मानसिकता से भरी वहशी दुनिया से बेखबर मासूम अंकिता को आखिर किन हालात में इस रिजार्ट में काम करना पड़ा लेकिन जब आंख खुली तो और मात्र 15 दिन में ही वह नौकरी छोडने वाली थी 
 अंकिता के दोस्त पुष्पदीप ने बताया कि उसी ने अॉनलाईन विज्ञापन देखकर अंकिता की नौकरी इस रिजार्ट में लगवाई थी जिसका अफसोस उसे जिंदगी भर रहेगा , अंकिता ने यहां तीन सितंबर को ज्वाइन किया और पहले ही दिन रिजॉर्ट का माहौल देखकर असहज हो गई थी। यही कारण है कि उसने पहले दिन से हत्या से कुछ देर पहले तक की सारी बातें सिर्फ पुष्प को ही बताईं। बृहस्पतिवार को पुष्प ने तीन से 18 सितंबर की शाम तक की सारी बातें पुलिस के सामने रखीं। 
जानकारी के अनुसार, अंकिता और पुष्प की दोस्ती इंस्टाग्राम पर पिछले साल लॉकडाउन के दौरान हुई थी। अंकिता ने 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। लॉकडाउन में उसके पिता की नौकरी भी चली गई। घर की माली हालत देखकर अंकिता नौकरी करना चाहती थी।

यह बात उसने पुष्प को बताई तो उसने नौकरी तलाशनी शुरू कर दी। इसी साल अगस्त में पुष्प ने इंटरनेट पर वनंत्रा रिजॉर्ट में महिला स्टाफ की नौकरी का विज्ञापन देखा। यहां उसकी बात रिजॉर्ट के मालिक पुलकित से हुई थी। नौकरी के लिए एक शर्त यह भी थी कि महिला को यहीं पर रुकना होगा।

इसलिए नौकरी के लिए राजी हो गई थी अंकिता 
चूंकि, अंकिता को नौकरी की जरूरत थी तो वह राजी हो गई। उसका घर रिजॉर्ट से तकरीबन 150 किमी दूर है। 29 अगस्त को रिजॉर्ट में बातचीत हुई और पुलकित के अन्य स्टाफ ने अंकिता के दस्तावेज लेकर इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली। अंकिता ने तीन सितंबर 2022 को ज्वाइन किया। अंकिता ने देखा कि रिजॉर्ट में कोई और महिला स्टाफ नहीं है। गतिविधियां भी संदिग्ध लग रही हैं। लिहाजा उसने पुलकित से बात की।

शराब पीकर कमरे में आया था पुलकित 
पुलकित ने उसे समझाया कि सब ठीक है, कुछ नहीं होगा। ये बातें अंकिता ने पुष्पदीप को बताईं। अंकिता को रहने के लिए एक कमरा दे दिया गया। इसी दरम्यान एक दिन पुलकित ने कहा कि मेहमान अधिक आ गए हैं। लिहाजा उसे ऑफिस के बगल वाले कमरे में रुकना होगा। अंकिता वहां सोने चली गई। वहां पुलकित भी आ गया। वह शराब पी रहा था। पुलकित ने उससे छेड़खानी की, लेकिन अंकिता ने उसे धमका दिया। यहां से अंकिता ने पुष्प को सारी बातें बताईं। इसके बाद मेहमान का अंकिता को गले लगाना, पुलकित का एक बार और छेड़खानी करना, वीआईपी को रिजॉर्ट में स्पेशल सर्विस देने की बात समेत सारी कहानी समय-समय पर अंकिता ने पुष्प को बताई। 

18 सितंबर को छोड़ना था अंकिता को काम  
अंकिता पुलकित और उसके दोस्तों से परेशान हो चुकी थी। उसने 17 सितंबर को पुष्प से बात की और 18 सितंबर को नौकरी छोड़ने के लिए कहा। इसकी पूरी तैयारियां हो चुकी थीं। इसी बीच पुलकित, अंकिता के पास आ गया। उसने समझाने की कोशिश की। कहने लगा कि कुछ नहीं होगा, तुम यहां सुरक्षित हो। इस बीच दोनों में कहासुनी हुई और अंकिता व पुलकित की लड़ाई हो गई। पुलकित ने अंकिता की कलाई मरोड़ दी। यह बात अंकिता ने 18 सितंबर की शाम करीब साढ़े चार बजे पुष्प को रोते हुए बताई। फिर एकदम ही अंकिता ने यह कहकर फोन काट दिया कि पुलकित व उसके दोस्त आ गए हैं।

18 सितंबर की शाम हुई थी 22 मिनट की बातचीत 
अंकिता को जब पुलकित व उसके दोस्त अपने साथ ले जाने वाले थे तो उससे पहले उसने पुष्प को फिर से फोन किया। शाम करीब साढ़े छह बजे से 6.52 बजे तक दोनों की बात हुई। इस बातचीत में अंकिता ने सारी बातें रोते हुए पुष्प को बताईं। इसके बाद पुलकित उसे ऋषिकेश ले गया। रात करीब नौ बजे अंकिता की हत्या हो जाती है और उसका मोबाइल बंद हो गया। पुष्प ने कई बार अंकिता के मोबाइल पर बात करनी चाही, लेकिन वह स्विच ऑफ बताया गया। 
अंकिता का मोबाइल आॅफ होने के बाद पुलकित ने किया फोन 
पुष्पदीप ने बताया कि लगभग चालीस मिनट के बाद पुलकित आर्या का फोन आया कि अंकिता के लिए कहीं और जॉब खोजो। इसके लिए कारण बताया गया कि वह फोन पर बात करती रहती है और इधर-उधर बैठ जाती है। पुष्पदीप ने बताया कि इसके बाद उसने अंकिता को कई कॉल ट्राई किया लेकिन नंबर बंद आया। अंतिम बार पुष्प ने रात करीब ढाई बजे अंकिता के मोबाइल पर कॉल की। तब भी मोबाइल ऑफ था।

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