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रुद्रपुर : अवैध खनन को लेकर बीजेपी नेता की गोली मारकर हत्‍या, इलाके में भारी तनाव, पुलिस तैनात

 रुद्रपुर : अवैध खनन को लेकर बीजेपी नेता की गोली मारकर  हत्‍या, इलाके में भारी तनाव, पुलिस तैनात
उधम सिंह नगर. उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में खनन को लेकर आये दिन फायरिंग की घटनाएं हो रही हैं. इस बीच शनिवार की सुबह किच्छा तहसील के शांतिपुरी नंबर तीन में खनन के रास्ते को लेकर हुए विवाद में बीजेपी मंडल महामंत्री संदीप कार्की (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. गोली मारने वाला मृतक का दोस्त था और घटना के बाद अपने भाई के साथ मौके से फरार हो गया. जानकारी के मुताबिक, आरोपी फौज की नौकरी छोड़कर खनन के कारोबार में कूदा था और अपनी छवि दबंग बनाये रखता था.


वहीं, भाजपा नेता संदीप की मौत की खबर के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है. घटना की सूचना पर तमाम थानों की फोर्स सहित एसएसपी मंजू नाथ टीसी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली है. एसएसपी ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर ढांढस भी बंधाया और जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ ही कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया. आरोपियों की तलाश में एसओजी सहित कई टीमें जुटी हैं.

शांतिपुरी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है. मृतक संदीप बीजेपी के पन्तनगर मंडल का महामंत्री था. बीजेपी नेता और आरोपी ललित दोनों ही खनन कार्य से जुड़े थे और आपस मे दोस्त ही थे. बताया जा रहा है कि हत्यारे ललित मेहता के डम्पर में मृतक और साझेदार ने जेसीबी से खनिज भरा था, जिसका पैसा ललित ने नहीं दिया था. इसको लेकर उनकी अनबन भी हुई थी. इस बीच शनिवार की सुबह खनन के रास्ते को लेकर विवाद हुआ था. दरअसल ललित ने अपना वाहन रास्ते पर खड़ा कर दिया था और इसके बाद विवाद हो गया था. इसी विवाद में आरोपी ललित ने पहले दो लोगों के ऊपर अवैध असलहा तान कर धमकाया था, लेकिन संदीप ने बीच बचाव कर दिया था.

इसके बाद तमतमाये ललित ने पहले हवाई फायर किया और उसके बाद संदीप कार्की के सीने में असलहा सटाकर गोली मार दी. वहीं, घटना स्थल पर हड़कंप मच गया. आनन फानन में संदीप को पहले किच्छा अस्पताल से हायर सेंटर ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे रुद्रपुर के निजी अस्पताल लाया गया,जहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद गांव में मातम है और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.

खनन ने बुझा दिए कई घरों के दीपक
उधम सिंह नगर के बाजपुर और शांतिपुरी में खनन को लेकर विवाद में गोलियां चलनी आम बात है और इसी को लेकर कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है. शांतिपुरी की बात करें तो खनन को लेकर पहली हत्या साल 1999 में हुई थी, जिसमें हरीश रावत नाम के ग्रामीण ने जान गंवाई थी. साल 2001 में शांतिपुरी नंबर दो में दो युवक मुन्ना और नीतू की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद वर्ष 2003 में खनन के वर्चस्व को लेकर योगेंद्र चौहान की गोली मार कर हत्या कर दी थी. हालांकि इसके बाद कुछ वर्ष शांति रही थी, लेकिन साल 2009 में रोहित तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद 2014 में शांतिपुरी के रहने वाले और खनन कारोबारी प्रताप बिष्ट की हत्या हुई थी. वहीं, अब अवैध खनन को लेकर भाजपा नेता संदीप कार्की की हत्या कर दी गई है.


दरअसल शांतिपुरी क्षेत्र में खनन पट्टा की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता है. पुलिस प्रशासन और खनन विभाग ही हीलाहवाली के चलते काले कारोबार में रंजिश हो रही है और गोलियां चलने के साथ ही जान तक ली जा रही है. जबकि अब तक अवैध खनन के खिलाफ पुलिस प्रशासन और खनन विभाग कोई बड़ा एक्शन नहीं ले सका है. माफिया अपने खेतों से रास्ता बना कर नदी से अवैध खनन कर सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे हैं.

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