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अभी नही तो कभी नही

बर्फबारी के चार दिन भी नहीं सुधरे हालात ,तीन एनएच सहित 11 सड़कें बंद जगह-जगह फंसे यात्री

बर्फबारी के चार दिन भी नहीं सुधरे हालात ,तीन एनएच सहित 11 सड़कें बंद जगह-जगह फंसे यात्री
देहरादून  :उत्तराखंड में चार दिन पूर्व हुई भारी बर्फबारी की वजह से बंद तीन राष्ट्रीय राजमार्ग और एक प्रमुख सड़क को नहीं खोला जा सका है। इससे इन सड़कों से लगे इलाकों में लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है एनएच मरचूला से बुवाखाल सड़क को अभी तक नहीं खोला जा सका है।

चमोली से कुंड एनएच भी बंद है। इसी तरह डोईवाला डिविजन में पड़ने वाले एनएच 707ए को भी भारी बर्फ जमे होने की वजह से नहीं खोला जा सका है। लोनिवि के मुख्य अभियंता केपी उप्रेती ने बताया कि पाबौ संतुधार चौबट्टाखाल चौरीखाल सड़क भी बंद है। इसके अलावा राज्य में 11 प्रमुख सड़कें अभी भी बंद हैं।

जिन्हें खोलने के प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाली सड़कों पर भारी बर्फ जमा होने की वजह से सड़कों को खोलने के काम में भारी बाधा आ रही है। उन्होंने कहा कि सभी डिविजनों को बंद सड़कों को जल्द खोलने को कहा गया है। बंद सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर से किया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम से बहुत परेशानी हो रही है।

पिथौरागढ़ के कई गांवों में बर्फबारी से बिजली, पानी का संकट
पिथौरागढ़ में भारी बर्फबारी के बाद उच्च हिमालय के गई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। पानी का संकट भी गंभीर हो गया है। घरों तक पहुंचने के रास्ते व मुख्य सड़कों के बंद हो जाने से लोगों को खासी दिक्कतें हो रही है। सीमांत धारचूला के दर, बौगलिंग के उच्च हिमालयी गांवों के लोग शीतकाल में माइग्रेशन नहीं करते हैं।

इन गांवों में भारी बर्फबारी से रास्ते बंद हैं। बिजली की लाइन पोल गिरने से कई जगह ध्वस्त हो गई है। जिससे इन गांवों में कड़ाके की ठंड में लोगों को बिजली तक नहीं मिल पा रही है। बिजली नहीं होने से लोग ठंड दूर करने के लिए इलेक्ट्रानिक उपकरणों का भी उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। पानी नलों में नहीं आ रहा है।

पेयजल लाइन ध्वस्त हो जाने व स्रोत में पानी जमने से भी लोग परेशान हैं। बौगलिंग के ग्राम प्रधान कुंवर सिंह ग्वाल ने बताया कि बर्फबारी के बाद पूरा गांव अलग-थलग पड़ गया है। न बिजली है न नलों में पानी आ रहा है। कहा कि बेहद दिक्कत में लोग किस तरह जीवन काट रहे हैं। 

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