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खतरा : पर्यटकों व श्रद्धालुओं के साथ उत्तराखंड पहुंच रहा कोरोना, बॉर्डर से पॉजिटिवों की नो एंट्री


खतरा : पर्यटकों व श्रद्धालुओं के साथ उत्तराखंड पहुंच रहा कोरोना, बॉर्डर से पॉजिटिवों की नो एंट्री 
कोविड कर्फ्यू में छूट के साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों व तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ रही है। पर इनके साथ कोरोना वायरस भी राज्य की सीमा में प्रवेश कर रहा है। कोविड कर्फ्यू में छूट मिलते ही यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों से पर्यटक उत्तराखंड आ रहे हैं। उत्तराखंड आने के लिए कोरोना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट सहित स्मार्ट सिटी वेबवाइट में पंजीकरण होना अनिवार्य है। नैनीताल में पर्यटक कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं तो यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर आशारोड़ी चेकपोस्ट में भी कोरोना पॉजिटिव पर्यटकों को उत्तराखंड आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बॉर्डरों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पर्यटकों की जांच कर नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें एंट्री की अनुमति दे रहे हैं। 

नैनीताल में दो हफ्तों में 24 पर्यटक व श्रद्धालु स्वास्थ्य विभाग की जांच में कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिनमें से 12 पर्यटक नैनीताल में चल रही रैंडम एंटीजन जांच में पॉजीटिव मिले हैं। वहीं, पूर्णागिरी धाम में दर्शन को पहुंचे 12 श्रद्धालु भी बीते दिनों पॉजिटिव मिले थे।  तीसरी लहर के खतरे के बीच यदि लापरवाही का सिलसिला कम न किया गया तो एक बार फिर कोरोना चुनौती बन सकता है।  कोरोना की तीसरी लहर आने की चेतावनी कई स्तरों पर मिल रही है। इसके बावजूद उत्तराखंड में रेकार्ड संख्या में बाहरी राज्यों से पर्यटक पहुंच रहे हैं।


ऊधमसिंह नगर जिले में डेल्टा वैरिएंट मिल चुका
प्रदेश में कोरोना के डेल्टा वैरीएंट के दो मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें एक देहरादून व दूसरा ऊधमसिंह नगर जिले में सामने आया है। इसके अलावा करीब दो सौ सैंपल जांच को भेजे गए थे। ऐसे में यदि लापरवाही बरती गई तो आने वाले दिनों में फिर से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रदेश में अब भी कोरोना के 600 एक्टिव मामले हैं। जिसमें से करीब 102 कुमाऊं के छह जिलों में सक्रिय हैं।  एक्टिव 49 नैनीताल जिले में सक्रिय केस हैं। जरा सी लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती है। 

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