UK बोले तो Uttrakhand

अभी नही तो कभी नही

गजब : जब महिला ने ड्रग इंस्पेक्टर को ही थमा दिए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन , पढ़े पुरी कहानी..

गजब : जब महिला ने ड्रग इंस्पेक्टर को ही थमा दिए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन , पढ़े पुरी कहानी.. 
रुड़की : ज्ञात हो कि महामारी के इस दौर में संजीवनी माने जा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी तथा नकली इंजेक्शन का गोरख धंधा देश भर में सुर्खियों में है बिते दिनों उतराखंड में नकली इंजेक्शन की फैक्ट्री पकडे जाने के बाद उतराखंड प्रशासन भी हाई अलर्ट पर है लेकिन इस बीच रूडकी से एक गजब का मामला सामने आया है जहाँ एक महिला ने रुड़की के ड्रग इंस्पेक्टर को ही चार रेमडेसिविर  इंजेक्शन टिका दिए। मामले में ड्रग इंस्पेक्टर रुड़की मानवेंद्र राणा ने भगवानपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। तथा फरार एक आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है।
ड्रग इंस्पेक्टर  राणा के अनुसार कोरोना के बिगड़ते हालात के चलते वह रेमडेसिविर उपलब्ध कराने के लिए इंजेक्शन निर्माता कंपनियों के संपर्क में थे। इस बीच उनके पास कनिका पत्नी विनीत सिंह निवासी सिविल लाइंस रुड़की का फोन आया। उसने कहा कि वह ड्रग इंस्पेक्टर को व्यक्तिगत इस्तेमाल और बचाव के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलवा सकती हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि पहले तो उन्हें महिला की बात पर यकीन नहीं हुआ।
महिला बार-बार अनुरोध करने पर उन्होंने हामी भर दी जिसके बाद महिला ने एक युवक के जरिए चार इंजेक्शन भिजवाए। जिन्हें वह अपनी गाड़ी में रखकर विभागीय कार्यों में व्यस्त हो गए। दो मई को थानाध्यक्ष भगवानपुर पीडी भट्ट का फोन आया कि उनके एक परिचित को रेमडेसिविर की जरूरत है। जिसके बाद उन्होंने रेमडेसिविर इंजेक्शन एसओ भगवानपुर को भेज दिए। एसओ को रेमडेसिविर के नकली होने का शक हुआ तो ड्रग इंस्पेक्टर को थाने आने को कहा। ड्रग इंस्पेक्टर और एसओ की संयुक्त जांच में इंजेक्शन नकली मिला।

इसके बाद इंजेक्शन बिक्री करने वाली महिला कनिका को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने बताया कि पंजाब-हरियाणा से यह इंजेक्शन आते थे। उसने बताया कि वह शाहबा पुत्र सलीम निवासी आजादनगर, यमुनानगर से खरीदकर यह इंजेक्शन बाजार में बेचती थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। मामले की छानबीन के साथ उसके साथी की तलाश की जा रही है।  

Post a Comment

0 Comments